ईईजी (EEG) परीक्षण या इलेक्ट्रोएन्सेफालोग्राफी (electroencephalography) हमारे मस्तिष्क के अंदर सभी विद्युतीय संकेतों (electrical signals) को मापने का कार्य करता है। यह मिर्गी या दौरे जैसे दिमागी अव्यवस्था के मूल्यांकन के लिए सहायक है। ईईजी (EEG) टेस्ट की कीमत भारत में 1500 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक है।
हमारे मस्तिष्क के अंदर अरबों नसे कोशिकाएं होती हैं, जिन्हें न्यूरॉन्स (neurons) कहा जाता है। ये सभी न्यूरॉन्स एक दूसरे के साथ विद्युत संकेतों के माध्यम से बातचीत करती हैं। और ये संकेत ईईजी परीक्षण पर लेहरो के रूप में दिखाई देते हैं। और मिर्गी जैसे मस्तिष्क संबंधी समस्याओ में एक असामान्य तरंग पैटर्न पैदा करते हैं।

ईईजी (EEG – Electroencephalogram) दिमाग की विद्युत गतिविधि (Brain’s electrical activity) को मापने वाली जांच है। इस टेस्ट में सिर पर छोटे-छोटे इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं, जो दिमाग से निकलने वाले संकेतों (Brain waves) को रिकॉर्ड करते हैं। इससे डॉक्टर को पता चलता है कि दिमाग सामान्य तरीके से काम कर रहा है या उसमें कोई गड़बड़ी है।
यह जांच बिल्कुल दर्दरहित और सुरक्षित होती है। लेकिन हर व्यक्ति को इसकी ज़रूरत नहीं होती। डॉक्टर खास परिस्थितियों में ही ईईजी करवाने की सलाह देते हैं।
आइए विस्तार से समझते हैं कि ईईजी कब करवाना चाहिए।
ईईजी (Electroencephalogram) टेस्ट दिमाग की तरंगों को मापने के लिए किया जाता है। यह पूरी तरह सुरक्षित और बिना दर्द का टेस्ट है, लेकिन इसे सही और सटीक बनाने के लिए पहले से कुछ तैयारियां करना ज़रूरी होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ईईजी टेस्ट की तैयारी कैसे करनी चाहिए।
ईईजी में इलेक्ट्रोड सीधे खोपड़ी पर लगाए जाते हैं। अगर सिर पर तेल, कंडीशनर या हेयर प्रोडक्ट लगा हो तो इलेक्ट्रोड ठीक से नहीं चिपकते।
कई मरीज न्यूरोलॉजी या मानसिक स्वास्थ्य की दवाइयाँ ले रहे होते हैं।
कुछ मामलों में “स्लीप ईईजी” की ज़रूरत होती है।
ईईजी से पहले खाने-पीने की आदत भी मायने रखती है।
कपड़े और एक्सेसरीज़ भी टेस्ट पर असर डाल सकते हैं।
छोटे बच्चों का ईईजी करवाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ईईजी के दौरान मरीज को लेटे रहना होता है।
हर मरीज की स्थिति अलग होती है।
ईईजी की तैयारी सिर्फ औपचारिकता नहीं है।
| ईईजी को इस रूप में भी जाना जाता है | इलेक्ट्रोएन्सेफ्लोग्राफी(electroencephalography) |
| उद्देश्य | मिर्गी जैसे मस्तिष्क विकारों का पता लगाना |
| कीमत | 1500 रुपये से 2500 रुपये |
| तैयारी | बालों और स्कैल्प को अच्छी तरह से धोना चाहिए। बालों में तेल या कोई अन्य उत्पाद नहीं होने चाहिए। |
| अवधि | 45 मिनट से 2 घंटे |
| रिपोर्ट समय | 24 घंटे से लेकर कुछ दिनों तक |
ईईजी टेस्ट की कीमत आमतौर पर 1500 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक होती है। इसकी वास्तविक कीमत डायग्नोस्टिक सेंटर और शहर पर निर्भर करती है। बुकमेरिलाब ने पूरे भारत में 200 से अधिक डायग्नोस्टिक केंद्रों के साथ साझेदारी की है। हम चिकित्सा निदान परीक्षणों पर 10-50% की छूट प्रदान करते हैं।
कुछ लोकप्रिय डायग्नोस्टिक केंद्रों पर ईईजी (EEG) की मूल्य सूची नीचे दी गई है।
| लैब का नाम | परीक्षण मूल्य |
|---|---|
| Aarthi Scans | Rs 1400 |
| Mahajan Imaging | Rs 3000 |
| Vijaya Diagnostics | Rs 2500 |
| Suraksha Diagnostic | Rs 2800 |
| NM Medical | Rs 1800 |
| FOCUS Diagnostic Centre | Rs 2500 |
नीचे दी गई तालिका में विभिन्न शहरों में कीमतों की सूची दी गई है। डायग्नोस्टिक केंद्रों की कीमत और छूट के साथ उनकी सूची प्राप्त करने के लिए आप शहर के नाम पर क्लिक कर सकते हैं।
| शहर | परीक्षण मूल्य |
|---|---|
| EEG Test in Delhi | Rs 990 to Rs 2000 |
| EEG Test in Mumbai | Rs 1260 to Rs 2500 |
| EEG Test in Bangalore | Rs 1260 to Rs 2000 |
| EEG Test in Hyderabad | Rs 1260 to Rs 1400 |
| EEG Test in Gurgaon | Rs 1260 to Rs 2500 |
| EEG Test in Chennai | Rs 1260 to Rs 1400 |
| EEG Test in Kolkata | Rs 1300 to Rs 1600 |

एक ईईजी परीक्षण विद्युत गति और आवेगों को मापता है। ये हमारे मस्तिष्क से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के पता लगाने में सहायक होते हैं। कुछ समस्याऐ जिनका पता लगाया जा सकता है। जैसे:-
लंबे समय से कोमा में रहने वाले रोगियों में ब्रेन डेथ की पुष्टि के लिए ईईजी का उपयोग भी किया जा सकता है।
ईईजी परीक्षण प्रक्रिया एक सरल, दर्द रहित और गैर-आक्रामक परीक्षण है। जिसमें कोई जोखिम शामिल नहीं है। चरण-दर-चरण प्रक्रिया नीचे समझाई गई है।
इसकी प्रक्रिया ईईजी के प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकती है।
एइलेक्ट्रोड (electrodes) को सिर की त्वचा और बाल पर रखा जाता है और पूरा सेटअप एक कंप्यूटर से जोड़ दिया जाता है। इस प्रक्रिया को आमतौर पर पूरा होने में एक घंटा लगता है। इस दौरान अधिकांश समय रोगी की आंखें बंद रहती हैं। यह वास्तव में आसान और त्वरित प्रक्रिया होती है। यह वास्तव में एक आसान और त्वरित प्रक्रिया है, अगर इसे पिछले दौरे से 24-48 घंटों के भीतर किया जाता है।
ईईजी परीक्षण पूरा होने के बाद, तकनीशियन रोगी के सिर पर रखे इलेक्ट्रोड को निकाल देगा। और रोगी को अपने सिर पर लगी चिपचिपी सामग्री को हटाना होगा जिसका उपयोग इलेक्ट्रोड को चिपकाने के लिए किया गया था।
इस प्रक्रिया में रोगी को ठीक होने में समय लेने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। क्योंकि इसके परीक्षण के समय कोई समस्या उत्पन्न नहीं होती है। और रोगी परीक्षण पूरा होते ही घर वापस जा सकता है। रोगी को सलाह दी जाती है कि वह घर वापस ड्राइव करके ना जाए क्योंकि ऐसा करने से दौरा पड़ने की संभावना हो सकती है। घर आने के बाद, रोगी को आराम करना चाहिए और कोई ज़ोरदार गतिविधि नहीं करनी चाहिए।
सामान्य ईईजी (Routine EEG)
इस टेस्ट को करने में करीब 20-40 मिनट का समय लगता है। नियमित ईईजी परीक्षण के दौरान, तकनीशियन या चिकित्सक रोगी को चुपचाप बैठने के लिए कह सकते हैं। रोगी को अपनी आँखें बार-बार बंद करने या खोलने के लिए भी कहा जा सकता है।, इस प्रक्रिया के दौरान कुछ मिनटों के लिए गहरी साँसें लेनी होती है। (हाइपरवेंटिलेशन) , या यहाँ तक कि इंद्रियों को उत्तेजित करने के लिए रोगी के सामने टिमटिमाती रोशनी भी रख सकते हैं। इससे रोगी को थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन यह हानिकारक नहीं है।
स्लीप ईईजी (Sleep EEG)
इसकी आवश्यकता तब हो सकती है जब नियमित ईईजी पर्याप्त जानकारी नहीं देता है। या नींद संबंधी समस्याओं के मामलों में रोगी को सलाह दी जा सकती है। कि वह रात को पहले जगे रहें ताकि वे परीक्षण के दौरान आसानी से सो सकें। नींद लाने के लिए शांति देनेवाली औषधि भी दी जा सकती हैं।
वीडियो ईईजी (VIDEO EEG)
इसे वीडियो टेलीमेट्री (video telemetry) के रूप में भी जाना जाता है। इस परीक्षण में, मस्तिष्क गतिविधि के बारे में अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने के लिए ईईजी रिकॉर्डिंग के साथ-साथ रोगी की एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है। यह परीक्षण आमतौर पर कई दिनों तक रिकॉर्ड किया जाता है। ईईजी सिग्नल वायरलेस तरीके से कंप्यूटर में ट्रांसफर किए जाते हैं। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कंप्यूटर पर भी उपलब्ध होती है। और एक ट्रेन् प्रोफेशनल की निरंतर निगरानी में है।
एंबुलेटरी ईईजी (AMBULATORY EEG)
ये दिमाग के पूरे दिन और पूरी रात की रिकॉर्डिंग एक दिन या उससे अधिक समय में रिकॉर्डिंग करता है। इस प्रक्रिया में इलेक्ट्रोड एक पोर्टेबल रिकॉर्डर से जुड़े होते हैं। जिसे रोगी के कपड़ों से चिपकाया जा सकता है। रोगी के कपड़ों पे लगे इलेक्ट्रोड के साथ अपना दिन हमेशा की तरह जारी रख सकता है। लेकिन उसे कपडो पे लगे उपकरण को गीला करने की अनुमति नहीं होती है।
इनवेसिव ईईजी टेलीमेट्री (INVASIVE EEG TELEMETRY)
यह प्रक्रिया बहुत कम उपयोग की जाती है। क्योंकि इसमें दौरे का एकदम सही पता लगाने के लिए इलेक्ट्रोड को सीधे मस्तिष्क पर रखने के लिए सर्जरी की जाती है। यह मिर्गी जैसे जटिल मामलों में किया जाता है।
इसका परिणाम आमतौर पर ईईजी परीक्षण से कुछ दिनों के बाद आता है। ईईजी परीक्षण की रीडिंग का अध्ययन एक न्यूरोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है जो किसी भी असामान्य रीडिंग की जांच कर सकता है। 8 हर्ट्ज और उससे अधिक की आवृत्ति वाला कोई भी परिणाम किसी भी ईईजी परीक्षण के सामान्य परिणामों के अंतर्गत आता है। ईईजी की मदद से मस्तिष्क के उस विशिष्ट क्षेत्र का भी पता लगाया जा सकता है। जहां असामान्यता है। परिणामों के आधार पर, एक डॉक्टर एमआरआई मस्तिष्क की सिफारिश भी कर सकता है।

ईईजी परीक्षणों का अनुप्रयोग पिछले कुछ वर्षों में विस्तृत हुआ है। इसका इतिहास WW2 में वापस देखा जा सकता है, जब पायलटों को जब्ती होने की संभावना के आधार पर अंदर और बाहर दिखाया गया था। तब ईईजी परीक्षण एक मिलीसेकंड तक के परिवर्तनों का पता लगा सकते थे, और क्लीनिकल क्षेत्र में उनकी उपयोगिता पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। सीटी स्कैन हेड (CT scan head) या एमआरआई ब्रेन ( MRI brain) जैसी अन्य डायग्नोस्टिक तकनीकें हैं, जिन्हें डॉक्टर ईईजी के निष्कर्षों को आगे बढ़ाने के लिए सुझा सकते हैं।
ईईजी मुख्य रूप से मिर्गी का पता लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है जो एक असमान्य दौरा है। यह दौरे के प्रकार और इसके ट्रिगरिंग कारकों को निर्धारित करने में मदद कर सकता है जिससे डॉक्टर रोग का बेहतर प्रबंधन कर सके।
नहीं। ईईजी एक गैर-इनवेसिव और दर्द रहित प्रक्रिया है। इलेक्ट्रोड कोई उत्तेजना पैदा नहीं करते हैं इसलिए इससे कोई असुविधा नहीं होती है।
ईईजी परीक्षण में आमतौर पर 30-60 मिनट लगते हैं। प्रक्रिया आवश्यकताओं के आधार पर कुछ ईईजी परीक्षणों में अधिक समय लग सकता है।
हां, ईईजी जांच से पहले आप सामान्य रूप से खा सकते हैं। हालांकि, परीक्षण से लगभग 8-10 घंटे पहले, कृपया कैफीन से बचें।
चूंकि ईईजी टेक्नोलॉजिस्ट द्वारा मौके पर नहीं पढ़ा जा सकता है, लेकिन एक न्यूरोलॉजिस्ट द्वारा इसका विश्लेषण करने की आवश्यकता है, इसमें आपके डायग्नोस्टिक सेंटर और शहर के आधार पर 2-7 दिनों के बीच कुछ भी लग सकता है। कुछ मामलों में परिणाम 48 घंटे से कम समय ले सकते हैं।
एक असामान्य ईईजी मस्तिष्क के कुछ क्षेत्र में असामान्य गतिविधि का संकेत देता है। यह मिर्गी, स्ट्रोक,(stroke) नींद, अव्यवस्था, डिमेंशिया (epilepsy) इत्यादि जैसी स्थितियों के कारण हो सकता है।
